सासाराम (रोहतास)। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही मौतों और गंभीर चोटों की घटनाओं को देखते हुए रोहतास के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ने जिलेवासियों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए भी बेहद आवश्यक है।
DTO ने कहा कि दोपहिया वाहन चलाने वाले अधिकांश लोग हेलमेट पहनने की आवश्यकता को हल्के में लेते हैं। कई बार देखा जाता है कि बाइक चालक तो हेलमेट पहन लेते हैं, लेकिन पीछे बैठे व्यक्ति हेलमेट का उपयोग नहीं करते। जबकि सड़क सुरक्षा नियमों के अनुसार बाइक पर सवार दोनों व्यक्तियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। दुर्घटना की स्थिति में पीछे बैठे व्यक्ति को भी गंभीर चोट लग सकती है, इसलिए दोनों लोगों की सुरक्षा समान रूप से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण सिर में गंभीर चोट लगना होता है। हेलमेट पहनने से ऐसी चोटों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसी प्रकार चारपहिया वाहन चलाने वालों के लिए सीट बेल्ट का उपयोग भी अनिवार्य है। कई लोग केवल चालान से बचने के लिए सीट बेल्ट लगाते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि सीट बेल्ट दुर्घटना के समय व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
DTO ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद कई लोग नियमों की अनदेखी करते हैं, जिसके कारण दुर्घटनाओं की संख्या में कमी नहीं आ पा रही है।
उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल न करें। मोबाइल पर बात करने या संदेश पढ़ने के कारण चालक का ध्यान सड़क से हट जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी भी सड़क हादसों के प्रमुख कारण हैं।
DTO ने कहा कि युवाओं में तेज गति से बाइक चलाने और स्टंट करने का चलन बढ़ रहा है, जो बेहद खतरनाक है। सड़कें स्टंट या रेसिंग के लिए नहीं बनी हैं। थोड़ी सी लापरवाही किसी व्यक्ति की जान ले सकती है या उसे जीवनभर के लिए विकलांग बना सकती है। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें और बिना लाइसेंस वाहन चलाने की अनुमति न दें।
उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर विशेष जांच अभियान चलाए जाते हैं, जिनमें हेलमेट नहीं पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने, ओवरलोडिंग, बिना वैध दस्तावेज वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाती है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
DTO ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और नियमों का पालन करे तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर से निकलने से पहले हेलमेट और सीट बेल्ट को अपनी आदत का हिस्सा बनाएं तथा परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
अंत में उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन करके न केवल अपनी जान बचाई जा सकती है, बल्कि दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। इसलिए सड़क पर निकलते समय हमेशा सावधानी बरतें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें तथा जिम्मेदार नागरिक बनकर सुरक्षित यातायात व्यवस्था में अपना योगदान दें।
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