| केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री को मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजवाया। |
प्रदर्शन का नेतृत्व बीएमएस के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने किया। इस दौरान संगठन की ओर से कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, संविदाकर्मियों और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कामगारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद बीएमएस की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के नाम मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा गया। संगठन के नेताओं ने कहा कि देश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति में श्रमिकों की अहम भूमिका है। ऐसे में उनके वेतन, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान जरूरी है।
न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग
बीएमएस ने कर्मचारी पेंशन योजना ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग की है। संगठन का कहना है कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पेंशन को महंगाई भत्ते से जोड़ने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।
संगठन के अनुसार महंगाई में लगातार बढ़ोतरी के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में आर्थिक कठिनाइयां पैदा हो रही हैं। ऐसे में पेंशन व्यवस्था को मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस की सीमा बढ़ाने की मांग
बीएमएस ने ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस से संबंधित गणना के लिए निर्धारित अधिकतम वेतन सीमा में वृद्धि की मांग भी रखी। संगठन ने मौजूदा सीमा को दोगुना करने की मांग करते हुए कहा कि इससे अधिक संख्या में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा पुरानी पेंशन व्यवस्था यानी ओपीएस को दोबारा लागू करने और ग्रेच्युटी की गणना के लिए 15 दिन के वेतन के स्थान पर 30 दिन के वेतन का आधार अपनाने की मांग की गई।
समान काम के लिए समान वेतन पर जोर
ज्ञापन में संविदा समेत विभिन्न श्रेणियों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए समान काम के बदले समान वेतन की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई गई। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और कार्य के अनुरूप उचित पारिश्रमिक मिलना जरूरी है।
बीएमएस ने न्यूनतम मजदूरी में भी बढ़ोतरी की मांग की। इसके साथ ही आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील, एनएचएम और अन्य सरकारी योजनाओं में कार्यरत स्कीम वर्करों के मानदेय में वृद्धि की मांग की गई।
श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को बताया जरूरी
बीएमएस नेताओं ने कहा कि श्रमिकों के हितों का मुद्दा केवल वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। बेहतर कार्यस्थल, सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक पारिश्रमिक और श्रमिकों की गरिमा भी महत्वपूर्ण विषय हैं।
संघ के उपाध्यक्ष अभय कुमार वैद्य ने कहा कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई को देखते हुए श्रमिकों तथा कर्मचारियों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने लंबित मांगों पर जल्द बातचीत शुरू कर समाधान निकालने की अपील की।
संगठन ने बैंक कर्मचारियों के लिए सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करने तथा श्रम कानूनों में मौजूद उन प्रावधानों में आवश्यक बदलाव की मांग भी की, जिन्हें संघ श्रमिक हितों के प्रतिकूल मानता है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल
जिला अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाता रहेगा। उन्होंने सरकार से मांगों पर वार्ता कर व्यावहारिक समाधान निकालने की अपील की।
प्रदर्शन में जिला मंत्री हरिराम, राकेश कुमार, अविनाश मिश्रा, त्रिलोकी राम, संगठन मंत्री अभिषेक कुमार, अभिमन्यु कुमार, सुलगने देवी, विमला देवी, प्रभा देवी, मानव कुंवर समेत बड़ी संख्या में बीएमएस कार्यकर्ता और श्रमिक मौजूद रहे।
India A To Z News
सत्य • निष्पक्षता • जनसेवा
Post a Comment