| फरियाद सुनते डीएम | India A To Z News |
संवाददाता: अनिल रोहतासी | India A to Z News | सासाराम (रोहतास): रोहतास जिला प्रशासन द्वारा आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'सबका सम्मान-जीवन आसान' कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को सासाराम स्थित समाहरणालय परिसर के डीआरडीए सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान कुल 112 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र, शिक्षा, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा, सरकारी योजनाओं के लाभ, राजस्व संबंधी मामलों सहित कई महत्वपूर्ण शिकायतें शामिल थीं।
जिलाधिकारी ने एक-एक आवेदन की गंभीरता से समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता दरबार का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों का बार-बार चक्कर लगाने से राहत देना और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादी
जनता दरबार में रोहतास जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आए लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं डीएम के समक्ष रखीं। कई मामलों में लोगों ने वर्षों से लंबित शिकायतों के समाधान की मांग की, जबकि कुछ मामलों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता की शिकायत की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाए और उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
उत्तराधिकार प्रमाणपत्र लौटाने का मामला सीओ को सौंपा
जनता दरबार के दौरान सासाराम शहर के गोपालगंज निवासी तुलसी पांडेय, जो स्वर्गीय भगवान पांडेय के पुत्र हैं, ने मूल उत्तराधिकार प्रमाणपत्र वापस दिलाने से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि प्रमाणपत्र से जुड़े मामले का अब तक समाधान नहीं हो पाया है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने सासाराम अंचल अधिकारी (सीओ) को तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों का शीघ्र निष्पादन प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना चाहिए।
मैरेज हॉल खाली कराने की शिकायत पर जांच के आदेश
जनता दरबार में बिक्रमगंज निवासी मंजुलिका सिंह ने अपने मकान, जो वर्तमान में मैरेज हॉल के रूप में उपयोग किया जा रहा है, उसे खाली कराने से संबंधित आवेदन जिलाधिकारी को सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित पक्ष द्वारा भवन खाली नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान उठाना पड़ रहा है।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) को जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि संपत्ति से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
फर्जी प्रमाणपत्र से बहाली की शिकायत पर शिक्षा विभाग को जांच का आदेश
जनता दरबार में सबसे महत्वपूर्ण मामलों में से एक शिकायत बिक्रमगंज प्रखंड के मोहनी पंचायत अंतर्गत महाराजगंज गांव निवासी गोविंद राम द्वारा दर्ज कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राथमिक विद्यालय महाराजगंज, बिलगंज में कार्यरत एक शिक्षा सेवक की नियुक्ति कथित रूप से फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर की गई है।
शिकायत को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को तत्काल मामले की विस्तृत जांच करने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।
समयबद्ध निष्पादन पर डीएम का जोर
जनता दरबार के दौरान जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन की मॉनिटरिंग की जाएगी और अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निष्पादन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो। साथ ही उन्होंने फरियादियों को आश्वस्त किया कि प्रत्येक मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जनता दरबार बना लोगों की उम्मीदों का मंच
'सबका सम्मान-जीवन आसान' कार्यक्रम के तहत आयोजित जनता दरबार एक बार फिर आम लोगों के लिए अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम साबित हुआ। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं और उन्हें त्वरित कार्रवाई का भरोसा मिला।
जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनता दरबार नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही तेजी से किया जा सके। प्रशासन का उद्देश्य पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी व्यवस्था स्थापित करना है, जिससे आम नागरिकों को न्याय के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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