वीणा मानवी ने प्रेस वार्ता में कहा कि उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन के दिन हुई कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक दबाव में की गई। उन्होंने कहा कि वे न्यायपालिका पर भरोसा रखती थीं और इसी भरोसे के कारण उन्हें जमानत मिली।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी बात रखते-रखते वीणा मानवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो कुछ हुआ, वह केवल उनके साथ नहीं बल्कि लोकतंत्र के साथ भी अन्याय है। उन्होंने अपने समर्थकों से शांत रहने और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने की अपील की।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि गिरफ्तारी कानून के तहत दर्ज एक मामले में की गई थी और कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हुई। प्रशासन ने किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव से इनकार किया है।
वीणा मानवी की गिरफ्तारी और जमानत के बाद बांकीपुर उपचुनाव का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई उन्हें चुनावी मैदान से कमजोर करने की कोशिश है, जबकि विरोधी दल इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं।
अब सभी की नजरें बांकीपुर उपचुनाव के आगामी चुनाव प्रचार और मतदान पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे घटनाक्रम का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।
— इंडिया A To Z News

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