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आजीवन कारावास की सजा काटने के बाद लंगा यादव जेल से रिहा, समर्थकों ने निकाला शक्ति प्रदर्शन

 
बक्सर: चर्चित होटल व्यवसायी रणजीत राय हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काटने के बाद रामसुरेश यादव उर्फ लंगा यादव गुरुवार को जेल से रिहा हो गए। रिहाई के बाद उनके समर्थकों ने दो दर्जन से अधिक वाहनों के काफिले के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। जिले के विभिन्न चौक-चौराहों पर फूल-मालाएं पहनाई गईं, अबीर-गुलाल उड़ाए गए, आतिशबाजी की गई और ढोल-नगाड़ों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया गया।

रिहाई के बाद लंगा यादव का काफिला उनके पैतृक गांव सरेंजा पहुंचा, जहां खेल मैदान में स्वागत सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह पहले की तरह क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में साथ रहेंगे और पंचायत के विकास के लिए कार्य करेंगे।


विकास के किए वादे

लंगा यादव ने सरेंजा अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर और एंबुलेंस की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर घर तक पहुंचाने की बात कही। साथ ही कहा कि पंचायत के लोगों के लिए उनका दरवाजा हमेशा खुला रहेगा।

2011 के पंचायत चुनाव से जुड़ा है मामला

यह मामला वर्ष 2011 के पंचायत चुनाव के दौरान वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा है। उस समय रामसुरेश यादव ने अपनी पत्नी सुखराजो देवी को मुखिया पद का उम्मीदवार बनाया था, जबकि होटल व्यवसायी रणजीत राय ने अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा था। चुनाव में सुखराजो देवी की जीत के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।

इसी तनाव के बीच 1 नवंबर 2011 को छठ पर्व के दिन होटल व्यवसायी रणजीत राय की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस मामले में राजपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई, जिसमें रामसुरेश यादव उर्फ लंगा यादव समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया गया।   

2016 में गिरफ्तारी, 2018 में आजीवन कारावास

घटना के बाद लंगा यादव लंबे समय तक फरार रहे। उनकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वर्ष 2016 में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और वर्ष 2018 में न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद से वह जेल में सजा काट रहे थे।

पंचायत चुनाव पर पड़ा असर

रणजीत राय की हत्या के बाद वर्ष 2016 के पंचायत चुनाव में उनके पुत्र रमेश राय सहानुभूति लहर के बीच 141 मतों से मुखिया निर्वाचित हुए। हालांकि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में सुखराजो देवी ने 2,770 मत प्राप्त कर 1,045 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की और दोबारा मुखिया बनीं।

प्रशासन रहा सतर्क

रामसुरेश यादव की रिहाई के बाद समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। शक्ति प्रदर्शन और स्वागत कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रहीं। वहीं, पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की ओर से कड़ी निगरानी रखी गई।

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