जानकारी के अनुसार, गोपालगंज जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शराब तस्करी, भंडारण और बिक्री से जुड़े मामलों में भारी मात्रा में शराब जब्त की गई थी। इन सभी मामलों की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय के आदेश पर जब्त शराब को नष्ट किया गया। प्रशासन ने निर्धारित स्थल पर बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से शराब की बोतलों को तोड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया।
इस दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, उत्पाद अधीक्षक, पुलिस पदाधिकारी और दंडाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि शराबबंदी कानून के तहत जब्त सामग्री को पारदर्शी तरीके से नष्ट किया गया है ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नष्ट की गई शराब में देशी, विदेशी और बीयर समेत कई ब्रांड शामिल थे। इनकी कुल मात्रा 14,500 लीटर से अधिक आंकी गई है। बाजार मूल्य के हिसाब से इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि बिहार सरकार की शराबबंदी नीति को प्रभावी बनाने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि शराब तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
जिला प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे शराब के अवैध कारोबार की सूचना तुरंत पुलिस या उत्पाद विभाग को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि शराब के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
गोपालगंज में हुई यह कार्रवाई राज्य में शराबबंदी कानून को लेकर सरकार की सख्ती का बड़ा संदेश मानी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि जिले को शराब तस्करी और अवैध बिक्री से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।
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