| बिहार का प्रसिद्ध देव सूर्यमंदिर (AI Generated Image) |
पर्यटन विभाग की नई पहल से श्रद्धालुओं को मिलेगा ठहरने का बेहतर इंतजाम, स्थानीय परिवारों के लिए खुलेगा रोजगार का नया रास्ता
विशेष संवाददाता: अनिल रोहतासी
औरंगाबाद (बिहार)।
बिहार के विश्व प्रसिद्ध देव सूर्यमंदिर को राज्य सरकार की होमस्टे प्रोत्साहन योजना (Bihar Homestay Scheme) में शामिल कर लिया गया है। पर्यटन विभाग की इस महत्वपूर्ण पहल से अब देव आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्थानीय स्तर पर ठहरने की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं, स्थानीय मकान मालिकों के लिए आय और रोजगार का एक नया अवसर भी उपलब्ध होगा।
पर्यटन विभाग के अनुसार, सूर्यमंदिर से पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले इच्छुक मकान मालिक अपने घर के कमरों का पंजीकरण कराकर उन्हें होमस्टे के रूप में संचालित कर सकेंगे। इससे पर्यटकों को होटल जैसी सुविधाएं स्थानीय माहौल में मिलेंगी और ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं देव
देव सूर्यमंदिर बिहार ही नहीं, पूरे देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन होता रहता है, लेकिन कार्तिक छठ और चैती छठ महापर्व के दौरान लाखों श्रद्धालु भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
स्थानीय आकलन के अनुसार, हर वर्ष करीब 15 से 18 लाख श्रद्धालु और पर्यटक देव पहुंचते हैं। इसके बावजूद यहां रात में ठहरने की समुचित व्यवस्था नहीं है। न तो पर्याप्त होटल उपलब्ध हैं और न ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त धर्मशालाएं, जिसके कारण अधिकांश श्रद्धालु दर्शन के बाद वापस लौट जाते हैं।
छठ मेले में बढ़ जाती है परेशानी
छठ महापर्व के दौरान देव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे समय निजी मकानों के साथ-साथ सरकारी भवनों में भी अस्थायी ठहराव की व्यवस्था करनी पड़ती है। मेले के दौरान पूरा क्षेत्र एक विशाल तीर्थस्थल में बदल जाता है, लेकिन पर्व समाप्त होते ही आवास सुविधाओं की कमी फिर सामने आ जाती है।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
देव निवासी सौरभ मिश्रा ने बताया कि होमस्टे योजना स्थानीय परिवारों के लिए रोजगार का अच्छा माध्यम साबित होगी। उनका कहना है कि वर्तमान में देव में पर्यटकों के लिए पर्याप्त आवास की सुविधा नहीं है। इतना ही नहीं, रात आठ बजे के बाद भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी मुश्किल से मिलती है, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है।
न्यास समिति ने भी किया स्वागत
देव सूर्य मंदिर न्यास समिति के सचिव विश्वजीत राय ने कहा कि लंबे समय से पर्यटकों के लिए बेहतर आवास व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि यदि देव हाईस्कूल के समीप स्थित धर्मशाला और पूर्व मंत्री रामाधार सिंह द्वारा निर्मित भवन मंदिर न्यास समिति को उपलब्ध हो जाएं, तो उन्हें श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक आवास सुविधा के रूप में विकसित किया जा सकता है।
भविष्य में और बढ़ेगा पर्यटन
जागरण पंचायत क्लब के अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से देव की बेहतर सड़क कनेक्टिविटी होने के बाद देशभर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में और अधिक वृद्धि होगी। ऐसे में होमस्टे योजना पर्यटन विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
पर्यटन विभाग ने जताई उम्मीद
जिला योजना पदाधिकारी सह पर्यटन प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि देव में पर्यटन सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। सूर्यकुंड के पास बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया गया है और भविष्य में बेडयुक्त धर्मशाला के निर्माण की योजना पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि होमस्टे योजना से देव में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
स्थानीय विकास को मिलेगा नया आयाम
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होमस्टे योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो देव सूर्यमंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधा मिलेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं, महिलाओं और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
— इंडिया A To Z News
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