सासाराम/रोहतास। सासाराम के प्रसिद्ध ताराचंडी धाम स्थित महर्षि अंजनेश आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत, श्रद्धालु, शिष्य और भक्त बड़ी संख्या में आश्रम पहुंचे और गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जगतगुरु कौलाचार्य ब्रह्मलीन महर्षि अंजनेशानंद सरस्वती जी महाराज की समाधि स्थल पर स्थापित प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया।
इसके बाद महर्षि विश्वामित्र मुनि गुरुपीठ की व्यास गद्दी पर विराजमान स्वामी रणजीतेशानंद जी महाराज का शिष्यों और भक्तों ने विधि-विधान से पूजन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने आशीर्वचन में स्वामी रणजीतेशानंद जी महाराज ने कहा कि गौ, गीता और गंगा भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं, इसलिए इनके संरक्षण के लिए समाज को आगे आना चाहिए। उन्होंने युवाओं से संस्कारयुक्त, अनुशासित और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का आह्वान किया। साथ ही मातृशक्ति के सम्मान और राष्ट्रहित में सकारात्मक योगदान देने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा, सासाराम एसडीओ डॉ. नेहा कुमारी, एसडीपीओ विप्लव कुमार और नगर थाना प्रभारी शिवेंद्र कुमार सहित जिला प्रशासन के कई अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने भी गुरु पूजन में भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया और आश्रम की आध्यात्मिक परंपरा की सराहना की।
देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संतों, महंतों और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा आश्रम परिसर गुरु भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती, गुरु वंदना और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
पूरे दिन महर्षि अंजनेश आश्रम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
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