| निशांत कुमार ने बिहार सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. (Photo: Screengrab) |
बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड से 16-16 मंत्री शपथ लेने जा रहे हैं। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा कोटे से भी नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। कुल मिलाकर आज 32 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।
राजधानी पटना में सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने वाले संभावित नेताओं को शपथ ग्रहण समारोह के लिए कॉल आने शुरू हो गए हैं। सत्ता के गलियारों में नए और पुराने चेहरों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। माना जा रहा है कि इस विस्तार के जरिए NDA सरकार आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी समीकरणों को साधने की कोशिश कर रही है।नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू ने इस बार अपने कोटे में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया है। पार्टी की ओर से जिन प्रमुख नामों की चर्चा है, उनमें श्वेता गुप्ता और दामोदर रावत शामिल हैं। श्वेता गुप्ता पहली बार मंत्री पद की शपथ लेने जा रही हैं, जिसे जेडीयू की ओर से महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं दामोदर रावत को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला पार्टी के सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। इसके अलावा जेडीयू के कई वरिष्ठ नेताओं को भी फिर से मौका दिया गया है, जिन्होंने पिछली नीतीश कुमार सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जेडीयू ने इस विस्तार में अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है, ताकि संगठन और सरकार दोनों को मजबूती मिल सके।
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू ने इस बार अपने कोटे में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया है। पार्टी की ओर से जिन प्रमुख नामों की चर्चा है, उनमें श्वेता गुप्ता और दामोदर रावत शामिल हैं। श्वेता गुप्ता पहली बार मंत्री पद की शपथ लेने जा रही हैं, जिसे जेडीयू की ओर से महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं दामोदर रावत को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला पार्टी के सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। इसके अलावा जेडीयू के कई वरिष्ठ नेताओं को भी फिर से मौका दिया गया है, जिन्होंने पिछली नीतीश कुमार सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जेडीयू ने इस विस्तार में अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है, ताकि संगठन और सरकार दोनों को मजबूती मिल सके।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी कई बड़े और प्रभावशाली नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अपने कोटे का चयन कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इस विस्तार के जरिए पिछड़े वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग और युवा नेताओं को आगे लाने पर विशेष ध्यान दे रही है। पार्टी आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड से 16-16 मंत्री शपथ लेने जा रहे हैं. आज सुबह से ही NDA सरकार में शामिल होने वाले मंत्रियों को शपथ ग्रहण के लिए कॉल आनी शुरू हो गई थी. बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (आर) और HAM कोटे से कुल 32 विधायकों को आज मंत्री पद की शपथ दिलवाई जाएगी.
JDU कोटे में नए चेहरे और पुराने दिग्गज
जनता दल यूनाइटेड के जो प्रमुख चेहरे शपथ ले रहे हैं, उनमें नीतीश कुमार खेमे के कई सीनियर नेताओं के साथ-साथ कुछ नए चेहरे भी शामिल हैं. श्वेता गुप्ता मंत्री के तौर पर अपनी शुरुआत करने जा रही हैं, जबकि दामोदर रावत को भी मंत्रिमंडल में शामिल होने का बुलावा मिला है. जेडीयू के करीब सभी सीनियर नेताओं को, जिन्होंने पिछली नीतीश कुमार सरकार में काम किया था, इस बार भी जगह दी गई है.
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