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हत्यारों को फांसी नहीं, उम्रकैद हो ताकि वो भी तड़पें” — बेटे चंद्रनाथ को याद कर बिलख पड़ीं मां...

 

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पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे राज्य की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद जहां राजनीतिक माहौल गरमा गया है, वहीं चंद्रनाथ रथ के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सबसे अधिक भावुक कर देने वाला दृश्य उस समय सामने आया, जब उनकी मां हासिरानी रथ ने बेटे को याद करते हुए रो-रोकर अपनी पीड़ा बयां की।

आंखों में आंसू, कांपती आवाज और सामने बेटे की तस्वीर… इस दर्दनाक माहौल में हासिरानी रथ ने कहा कि वह अपने बेटे के हत्यारों के लिए फांसी की सजा नहीं चाहतीं। उन्होंने कहा कि हत्यारों को उम्रकैद मिलनी चाहिए ताकि वे भी जिंदगी भर उसी दर्द और तड़प को महसूस करें, जो आज उनका परिवार झेल रहा है।

रोते हुए उन्होंने कहा,
“मैं एक मां हूं। मैं नहीं चाहती कि उन्हें फांसी हो। मैं चाहती हूं कि उन्हें उम्रकैद मिले, ताकि वे हर दिन अपने किए पर पछताएं और उसी तरह तड़पें जैसे मेरा परिवार तड़प रहा है।”

यह कहते-कहते हासिरानी रथ की आवाज भर्रा गई। आसपास मौजूद परिजन और समर्थक उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन बेटे को खोने का दुख उनके आंसुओं में साफ दिखाई दे रहा था।


हत्या को बताया सुनियोजित साजिश

चंद्रनाथ रथ की मां ने इस हत्या को कोई सामान्य अपराध मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह पूरी तरह से सुनियोजित हत्या है और इसके पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि जब से शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनाव में हराया है, तब से उनके परिवार और शुभेंदु अधिकारी से जुड़े लोगों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा,
“जब से शुभेंदु बाबू ने ममता बनर्जी को हराया है, तभी से हमारे परिवार पर खतरा मंडरा रहा था। हमें डर था कि कभी भी कुछ गलत हो सकता है। लेकिन हमने नहीं सोचा था कि मेरा बेटा इस तरह हमसे छिन जाएगा।”

मां के इस बयान ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है। बीजेपी नेताओं ने भी इस हत्या को राजनीतिक हिंसा से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।


परिवार में पसरा मातम

चंद्रनाथ रथ की मौत के बाद उनके घर में मातम पसरा हुआ है। परिवार के सदस्य सदमे में हैं। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की भीड़ लगातार उनके घर पहुंच रही है और परिवार को सांत्वना दे रही है।

परिजनों का कहना है कि चंद्रनाथ बेहद शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और राजनीति में सक्रिय रहते हुए भी हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। उनके अचानक इस तरह चले जाने से पूरा इलाका स्तब्ध है।

एक रिश्तेदार ने कहा,
“चंद्रनाथ हमेशा दूसरों के लिए खड़े रहते थे। किसी से दुश्मनी नहीं थी। हमें समझ नहीं आ रहा कि आखिर किसने और क्यों उनकी जान ले ली।”


राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस हत्या के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। बीजेपी नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक हिंसा लगातार बढ़ रही है।

बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष से जुड़े लोगों को निशाना बनाया जा रहा है और प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने में विफल रहा है। वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है।

शुभेंदु अधिकारी ने भी इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है।


पुलिस जांच जारी

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कई पहलुओं पर छानबीन की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित एंगल पर जांच की जा रही है।

फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हालांकि, परिवार और बीजेपी नेताओं का कहना है कि केवल जांच का आश्वासन काफी नहीं है, बल्कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए।


मां का दर्द पूरे देश को भावुक कर गया

चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उनकी पीड़ा को महसूस कर रहे हैं और उनके साहस की भी सराहना कर रहे हैं।

एक मां जिसने अपना बेटा खो दिया, वह भी इंसानियत की बात कर रही है। वह फांसी नहीं, बल्कि उम्रकैद चाहती हैं ताकि आरोपी हर दिन अपने अपराध का बोझ महसूस करें। उनके शब्दों में दर्द, गुस्सा और इंसाफ की उम्मीद तीनों साफ दिखाई देते हैं।


निष्कर्ष

मध्यमग्राम में हुई यह हत्या केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता की मौत नहीं, बल्कि एक परिवार के टूटने की कहानी बन गई है। चंद्रनाथ रथ की मां की आंखों से बहते आंसू और उनकी कांपती आवाज इस बात की गवाही दे रही है कि हिंसा आखिर कितनी गहरी चोट देती है।

अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। परिवार को उम्मीद है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के मुताबिक सख्त सजा मिलेगी। वहीं यह घटना एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

(India A To Z News के लिए विशेष रिपोर्ट)

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