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बिहार पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: डेहरी SDPO-2 वंदना का तबादला, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

 ब्यूरो चीफ/एडिटर: अनिल रोहतासी |पटना/रोहतास, 16 मई 2026: बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के तहत कई पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में रोहतास जिले के डेहरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-2) पद पर तैनात श्रीमती वंदना का तबादला भी प्रमुख रूप से चर्चा में है। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार उन्हें अब अपर पुलिस अधीक्षक, मद्य निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो, बिहार, पटना में नई जिम्मेदारी दी गई है।

गृह विभाग द्वारा 16 मई 2026 को जारी अधिसूचना संख्या के अनुसार बिहार पुलिस सेवा के कई अधिकारियों को उनके वर्तमान पदस्थापन से हटाकर नई जगहों पर तैनात किया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव को राज्य में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ तथा सुचारु बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि समय-समय पर अधिकारियों के स्थानांतरण से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आती है और नई ऊर्जा के साथ कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।


रोहतास जिले के डेहरी अनुमंडल में SDPO-2 के रूप में कार्यरत श्रीमती वंदना अपने कार्यकाल के दौरान कई मामलों को लेकर चर्चा में रही हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण तथा स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता को देखा गया। अब उन्हें पटना स्थित मद्य निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो में अपर पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने और अवैध शराब कारोबार पर कार्रवाई में उनके अनुभव का उपयोग किया जाएगा।


बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर सरकार लगातार सख्ती बरत रही है। ऐसे में मद्य निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती को सरकार की प्राथमिकता माना जा रहा है। राज्य में अवैध शराब निर्माण, तस्करी तथा शराब कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी को देखते हुए कई पुलिस अधिकारियों को इस विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है।


इसी क्रम में रोहतास निवासी पुलिस उपाधीक्षक अशफाक अंसारी का भी स्थानांतरण किया गया है। वर्तमान में वे बोधगया में पुलिस उपाधीक्षक (बीएमपी-3) के रूप में कार्यरत थे। नए आदेश के तहत उन्हें मद्य निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो, बिहार पटना में पदस्थापित किया गया है। रोहतास जिले से जुड़े अधिकारी होने के कारण उनके तबादले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस महकमे से जुड़े लोगों का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों की नई तैनाती से संबंधित विभागों में कार्यक्षमता बढ़ेगी।


इसके अलावा अधिसूचना में कई अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। मो. अली अंसारी, जो वर्तमान में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (रेल), बिहार, पटना के पद पर तैनात थे, उन्हें अब सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात), बिहार, पटना बनाया गया है। वहीं मनोज राम, जो मधुबनी जिले के सदर अनुमंडल में SDPO-II के रूप में कार्यरत थे, उन्हें अपर पुलिस अधीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार पटना की जिम्मेदारी दी गई है।


इसी प्रकार अजय प्रसाद, जो गया जिले के शेरघाटी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-II के रूप में तैनात थे, उन्हें वरीय पुलिस उपाधीक्षक, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर के पद पर स्थानांतरित किया गया है। वहीं रेणु कृष्णा, जो सासाराम में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (महिला) में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में पदस्थापित थीं, उन्हें अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार पटना भेजा गया है।


इसके साथ ही मंगलेश कुमार सिंह, जो किशनगंज में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-II के रूप में कार्यरत थे, उन्हें साइबर क्राइम विभाग, औरंगाबाद में पुलिस उपाधीक्षक की नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मेहर चौधरी, जो मुजफ्फरपुर में यातायात पुलिस उपाधीक्षक के पद पर तैनात थे, उन्हें आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पटना में पदस्थापित किया गया है।


राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि बिहार सरकार समय-समय पर पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण कर प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती रही है। पुलिस विभाग में इस प्रकार के फेरबदल से एक ओर जहां अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के अनुरूप काम करने का अवसर मिलता है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन को नई दिशा भी मिलती है।


रोहतास और डेहरी क्षेत्र में विशेष रूप से SDPO-2 वंदना के तबादले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण मामलों में कार्रवाई हुई थी। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि डेहरी अनुमंडल में अगला पुलिस अधिकारी कौन होगा और वह क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को किस तरह संभालेगा।


हालांकि गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना होगा। इसके साथ ही संबंधित विभागों को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।


कुल मिलाकर बिहार पुलिस विभाग में किया गया यह प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, शराबबंदी कानून के अनुपालन तथा साइबर अपराधों पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रभाव डाल सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नए पदस्थापन के बाद अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में किस तरह की कार्यशैली अपनाते हैं और आम जनता को इसका कितना लाभ मिलता है।


रिपोर्ट: India A To Z News

ब्यूरो चीफ/एडिटर: अनिल रोहतासी

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