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तमिलनाडु के सीएम थलपति विजय का बड़ा कदम: पीएम मोदी को लिखा पत्र, कपास पर 11% आयात शुल्क हटाने की मांग; लाखों रोजगार पर संकट का दावा

चेन्नई/नई दिल्ली | India A To Z News

तमिलनाडु की राजनीति और देश के कपड़ा उद्योग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री थलपति विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर कपास (Cotton) पर लगाए गए 11 प्रतिशत आयात शुल्क को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। मुख्यमंत्री विजय ने चेतावनी दी है कि कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण तमिलनाडु का कपड़ा और परिधान उद्योग गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है, जिससे लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी खतरे में पड़ सकती है।

मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि कपास और धागे की कीमतों में भारी उछाल ने कपड़ा उद्योग की रीढ़ माने जाने वाले छोटे और मध्यम कारोबारियों को भारी दबाव में ला दिया है। उनका कहना है कि यदि केंद्र सरकार जल्द कोई राहत नहीं देती है तो राज्य के हजारों कारखानों पर असर पड़ सकता है और बड़े स्तर पर रोजगार संकट उत्पन्न हो सकता है।

सीएम विजय ने तमिलनाडु को देश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और गारमेंट एक्सपोर्ट हब बताते हुए कहा कि यह उद्योग न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था बल्कि भारत के निर्यात क्षेत्र की भी मजबूत कड़ी है। लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस सेक्टर पर निर्भर हैं। ऐसे में कच्चे माल की महंगाई ने पूरे उद्योग को अस्थिर कर दिया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, घरेलू कपास उत्पादन में गिरावट और बढ़ती व्यापारिक मांग के चलते बाजार में आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे कपास और धागे की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं। उद्योग को चलाने के लिए अब आयात ही प्रमुख विकल्प बचा है, लेकिन 11 प्रतिशत आयात शुल्क के कारण विदेशों से कपास मंगाना महंगा साबित हो रहा है।


विजय ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि कपड़ा उद्योग को बचाने और लाखों श्रमिकों के हित में कपास पर लगे आयात शुल्क को तत्काल हटाया जाए, ताकि उद्योग को राहत मिल सके और उत्पादन लागत कम हो।


इस पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और उद्योग जगत की निगाहें अब केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यदि केंद्र सरकार इस मांग पर फैसला लेती है, तो इसका असर देश के कपड़ा बाजार, निर्यात और रोजगार पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।


अब बड़ा सवाल:

क्या केंद्र सरकार सीएम विजय की मांग मानेगी? और क्या कपास पर आयात शुल्क हटने से महंगाई और उद्योग संकट में राहत मिलेगी? देशभर के उद्योगपति और श्रमिक इस फैसले पर नजर बनाए हुए हैं।

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