लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी अभ्यर्थियों की गैरहाजिरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लगभग 25 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के अनुपस्थित रहने से परीक्षा केंद्रों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली।
परीक्षा को लेकर जहां एक ओर अभ्यर्थियों की कमी चर्चा का विषय बनी रही, वहीं दूसरी ओर गड़बड़ी और नकल के मामलों ने भी प्रशासन को सतर्क कर दिया। परीक्षा के दौरान अनियमितताओं में संलिप्त पाए जाने पर एक सहायक अध्यापक समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और अनुचित तरीके से अभ्यर्थियों को पास कराने की कोशिश करने का आरोप है।
प्रशासन के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो संगठित तरीके से नकल कराने या फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा दिलाने के प्रयास में लगे थे। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या गिरोह तो सक्रिय नहीं है। यदि ऐसा कोई नेटवर्क सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, साथ ही उड़नदस्ता टीमों को भी सक्रिय रखा गया है, जो लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। इसके अलावा, बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़ी पहचान प्रक्रिया के जरिए फर्जी अभ्यर्थियों पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
इस बीच, अभ्यर्थियों की गैरहाजिरी के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा केंद्रों की दूरी, परिवहन की समस्या, या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ तारीखों का टकराव इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों ने तैयारी पूरी न होने को भी गैरहाजिरी का कारण बताया है।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की तिथि और केंद्रों की जानकारी पहले से उपलब्ध कराई गई थी, इसलिए अभ्यर्थियों को समय पर तैयारी और योजना बनानी चाहिए थी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जो अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए हैं, उनके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें लगाई गई थीं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई, जिससे किसी भी प्रकार की नकल सामग्री या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अंदर न ले जाए जा सकें।
गौरतलब है कि होमगार्ड भर्ती परीक्षा राज्य में बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार सख्त कदम उठाए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्ती से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और योग्य अभ्यर्थियों को ही अवसर मिलेगा। हालांकि, लगातार सामने आ रहे नकल और गड़बड़ी के मामलों से यह भी स्पष्ट होता है कि ऐसे कृत्यों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अभी और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
फिलहाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क की जांच की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अंत में, अधिकारियों ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा के नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि से दूर रहें। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को परीक्षा से संबंधित कोई शिकायत या सूचना है, तो वह तुरंत प्रशासन को अवगत कराए, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई के जरिए इसे सुनिश्चित किया जा सकता है।
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