बिक्रमगंज (रोहतास)। प्रखंड के मोथा गांव में प्रज्ञा प्रवाह के तत्वावधान में मासिक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समसामयिक सामाजिक एवं संवैधानिक विषयों पर विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सिमल कुमार सिंह, डॉ. अरुण कुमार, अजय पांडेय और डॉ. दिलीप कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद वक्ताओं ने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होना चाहिए, जिससे न्याय और समानता की भावना को मजबूती मिले। अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लिए अलग-अलग कानून होने से कई बार सामाजिक असमानता उत्पन्न होती है, जिसे समाप्त करने के लिए समान नागरिक संहिता जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह विषय केवल कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता से भी जुड़ा हुआ है। समाज में जागरूकता बढ़ाने और इस मुद्दे पर सकारात्मक संवाद स्थापित करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका वक्ताओं ने विस्तार से उत्तर दिया। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं विचारोत्तेजक माहौल में संपन्न हुआ।
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