सासाराम | अनिल रोहतासी बिहार के कैमूर जिले में आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात देते हुए कुल ₹196.06 करोड़ की लागत से विभिन्न विभागों की 60 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा चलाया जा रहा “सहयोग शिविर” आम जनता की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक राज्यभर में सहयोग शिविर के माध्यम से करीब 3.03 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2.61 लाख आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। यह लगभग 90 प्रतिशत सफलता दर को दर्शाता है, जो इस कार्यक्रम की प्रभावशीलता को साबित करता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनता से जुड़े मामलों का समाधान बिना देरी के किया जाए और हर जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित मामलों को गंभीरता से लिया जाए और तय समय सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
कैमूर जिले के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण Maa Mundeshwari Temple के जीर्णोद्धार का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। यह मंदिर बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में आस्था का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। सरकार यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मां मुंडेश्वरी धाम तक रोपवे निर्माण की योजना पर काम किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से पहाड़ी क्षेत्र में स्थित मंदिर तक पहुंचना आसान हो जाएगा और पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हों।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कैमूर और आसपास के क्षेत्रों में एयरपोर्ट विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एयर कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की दिशा में भी सरकार विचार कर रही है। यदि यह योजना जमीन पर उतरती है तो कैमूर का पर्यटन मानचित्र पर महत्व और अधिक बढ़ जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में विकास के हर क्षेत्र पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। चाहे सड़क निर्माण हो, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली या पर्यटन— सरकार हर क्षेत्र में योजनाओं को तेजी से लागू कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि जो भी विकास योजनाएं शुरू की जाएं, वे समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हों। किसी भी परियोजना में भ्रष्टाचार या देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार लगातार विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार गांव-गरीब, किसान, युवा, महिलाओं और जरूरतमंद वर्गों के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ विकास करना नहीं बल्कि लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं का स्वागत किया और कहा कि कैमूर जिले को विकास की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। विशेष रूप से Maa Mundeshwari Temple के विकास, रोपवे निर्माण, एयरपोर्ट और हेलीकॉप्टर सेवा की घोषणा से क्षेत्र में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कैमूर में आयोजित यह सहयोग शिविर कार्यक्रम केवल योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह भी संदेश दिया कि राज्य सरकार अब विकास को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद कैमूर जिला विकास और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में नई पहचान बना सकता है।
India A To Z News | सासाराम | अनिल रोहतासी

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