बेतिया नगर निगम ने महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। नगर के 12 प्रमुख छठ घाटों एवं पोखरों पर आधुनिक महिला चेंजिंग रूम का निर्माण कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। इस योजना पर कुल 1 करोड़ 14 लाख 80 हजार 800 रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि प्रत्येक चेंजिंग रूम के निर्माण पर लगभग 14.35 लाख रुपये की लागत आएगी।
छठ महापर्व बिहार की आस्था, संस्कृति और परंपरा का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। इस दौरान हजारों महिलाएं घाटों पर पूजा-अर्चना करने पहुंचती हैं। पूजा के समय उन्हें कई बार कपड़े बदलने की आवश्यकता होती है, लेकिन अधिकांश घाटों पर सुरक्षित और स्वच्छ चेंजिंग रूम की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए नगर निगम ने महिलाओं के लिए आधुनिक चेंजिंग रूम बनाने का निर्णय लिया है।
योजना के तहत जिन स्थानों का चयन किया गया है उनमें सागर पोखरा, उत्तरवारी पोखरा, दुर्गाबाग पोखरा, संत घाट, शिवालय घाट, खिरिया घाट, हरिवाटिका चौक, स्टेशन चौक पोखरा, पथरी घाट, जगदंबा नगर राम जानकी घाट, घरदन पोखरा तथा बस स्टैंड के समीप का क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक चेंजिंग रूम उपलब्ध कराए जाएंगे।
नगर निगम का मानना है कि यह पहल केवल छठ पर्व तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अन्य धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भी महिलाओं के लिए उपयोगी साबित होगी। आधुनिक चेंजिंग रूम बनने से महिलाओं को खुले स्थानों पर कपड़े बदलने की मजबूरी नहीं होगी, जिससे उनकी गोपनीयता और सम्मान की रक्षा होगी। साथ ही घाटों पर बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित होने से शहर की छवि भी बेहतर होगी।
महापौर ने बताया कि छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे समय में महिलाओं के लिए सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत यह परियोजना तैयार की गई है, ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और वे श्रद्धा एवं सम्मान के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।
यह योजना महिलाओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद हजारों महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और बेतिया के प्रमुख छठ घाटों पर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यवस्थाओं में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। नगर निगम की यह पहल अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है, जहां सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

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