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रोहतास वालों की बल्ले-बल्ले! एनीकट बराज में लौटेगी रौनक, पर्यटक फिर उठा सकेंगे बोटिंग का लुत्फ


HighLights150 साल पुराना एनीकट बराज फिर बनेगा पर्यटक 

HighLights

स्थल।





  1. 150 साल पुराना एनीकट बराज फिर बनेगा पर्यटक स्थल।

  2. नौकायन, सेल्फी प्वाइंट, लाइट एंड साउंड शो जैसी सुविधाएं।

  3. डेहरी, सासाराम, औरंगाबाद पेयजल योजना से जुड़ा विकास।

संवाददाता: अनिल रोहतासी India A To Z News | रोहतास जिले के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सोन नदी पर स्थित करीब 150 साल पुराना ऐतिहासिक एनीकट बराज एक बार फिर अपने पुराने गौरव को हासिल करने जा रहा है। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा यह ऐतिहासिक स्थल अब फिर से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। जल संसाधन विभाग की योजना के तह
त यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिल सकेगा।

एक समय था जब डेहरी स्थित एनीकट बराज पर्यटन और नौकायन का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। ब्रिटिश काल में लोग दूर-दूर से यहां घूमने आते थे। सोन नदी की खूबसूरती, बराज के फाटकों से गिरते पानी का अद्भुत दृश्य और शाम के समय सूर्यास्त का मनमोहक नजारा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता था। लेकिन समय के साथ सुविधाओं की कमी और जलस्तर संबंधी समस्याओं के कारण इसकी पहचान धीरे-धीरे फीकी पड़ गई।

अब एक बार फिर इस ऐतिहासिक स्थल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सोन नदी के सतही जल का उपयोग कर डेहरी, सासाराम और औरंगाबाद शहरों के लिए लगभग 1350 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना के तहत एनीकट बराज के पास जल भंडारण की व्यवस्था की गई है। इसी के साथ इस क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की भी योजना बनाई जा रही है।

1874 में बना था ऐतिहासिक एनीकट बराज

जानकारी के अनुसार, एनीकट बराज का निर्माण वर्ष 1874 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान किया गया था। यह बराज केवल सिंचाई व्यवस्था का केंद्र नहीं था, बल्कि इंजीनियरिंग का भी बेहतरीन उदाहरण माना जाता है। उस समय इसकी संरचना को तकनीकी दृष्टि से बेहद आधुनिक माना जाता था।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 1970 के दशक तक बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने आते थे। खासकर छुट्टियों और त्योहारों के दौरान यहां पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती थी। लोग नौकायन (बोटिंग), सोन नदी के किनारे सैर और बराज के आसपास प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने पहुंचते थे।

क्यों कम हुई थी एनीकट बराज की रौनक?

समय के साथ बराज में सिल्ट (गाद) भरने लगी, जिससे जल संग्रहण क्षमता काफी कम हो गई। इसका असर नहरों में जलापूर्ति पर भी पड़ा। बाद में वर्ष 1965 में इंद्रपुरी बराज के निर्माण के बाद एनीकट बराज की उपयोगिता कम होने लगी और धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या घटती चली गई।

पर्यटन सुविधाओं की कमी और रखरखाव के अभाव में यह ऐतिहासिक स्थल लगभग वीरान होने लगा। हालांकि, स्थानीय लोग अब भी यहां सुबह और शाम टहलने आते हैं। मॉर्निंग वॉक करने वालों के लिए यह आज भी पसंदीदा जगहों में शामिल है।

फिर शुरू होगी बोटिंग, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

अब विभागीय योजना के तहत एनीकट बराज में फिर से नौकायन (बोटिंग) शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पर्यटकों के लिए यहां कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

योजना के तहत यहां सेल्फी प्वाइंट, चिल्ड्रेन पार्क, वॉकिंग पाथवे, लाइट एंड साउंड शो और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं बनाई जाएंगी। इसके अलावा रात के समय बराज परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाएगी।

स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह योजना समय पर पूरी हो जाती है तो एनीकट बराज एक बार फिर रोहतास जिले की पहचान बन सकता है। इससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा और छोटे व्यवसायियों को फायदा पहुंचेगा।

हर रविवार हो रही सोन आरती

इस बीच, एनीकट बराज की पहचान को दोबारा जीवंत करने के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से भी पहल की जा रही है। प्रत्येक रविवार की शाम यहां “सोन आरती” का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल हो रहे हैं।

सोन नदी के किनारे होने वाली आरती का दृश्य बेहद आकर्षक होता है और अब यह धीरे-धीरे लोगों के बीच लोकप्रिय भी होने लगा है। लोगों का कहना है कि अगर पर्यटन सुविधाएं विकसित हो जाती हैं तो यह स्थल धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बन सकता है।

पर्यटन और विकास को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि एनीकट बराज का विकास रोहतास जिले के पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे जिले में पर्यटन बढ़ेगा, स्थानीय कारोबार को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

फिलहाल, रोहतास जिले के लोग इस ऐतिहासिक धरोहर की वापसी को लेकर उत्साहित हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही एनीकट बराज एक बार फिर अपनी पुरानी रौनक के साथ पर्यटकों का स्वागत करेगा।

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