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सासाराम शहर की यातायात व्यवस्था पर फिर उठे सवाल, बेदा नहर के पास भीषण जाम में फंसी एम्बुलेंस

 

रिपोर्ट: अनिल रोहतासी | सासाराम/रोहतास सासाराम शहर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या अब आम लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती जा रही है। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर प्रशासनिक स्तर पर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अभी भी संतोषजनक दिखाई नहीं दे रही है। शनिवार को एक बार फिर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई, जब बेदा नहर के समीप लंबा और भीषण जाम लग गया। भीषण गर्मी के बीच लगे इस जाम ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहने को मजबूर हो गए।

शनिवार को सुबह से ही शहर के विभिन्न हिस्सों में वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक देखी गई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया और बाजारों में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी, वैसे-वैसे ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ता गया। दोपहर तक बेदा नहर के आसपास स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। बाइक, ऑटो, कार, बस और छोटे-बड़े वाहन धीरे-धीरे रेंगते नजर आए।


इस दौरान सबसे गंभीर स्थिति तब देखने को मिली जब जाम में एक एम्बुलेंस भी फंस गई। एम्बुलेंस के लगातार बज रहे सायरन ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा, लेकिन सड़क पर अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण एम्बुलेंस को रास्ता मिलने में काफी कठिनाई हुई। आसपास मौजूद लोग भी एम्बुलेंस को देखकर चिंतित नजर आए और कई लोगों ने अपनी गाड़ियों को किनारे कर रास्ता बनाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद एम्बुलेंस धीरे-धीरे आगे बढ़ सकी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कोई नई बात नहीं है। आए दिन शहर के प्रमुख इलाकों में इस तरह की स्थिति देखने को मिलती रहती है। खासकर बेदा नहर, गांधी चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, धर्मशाला रोड और बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या लगातार बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि बढ़ती वाहनों की संख्या के अनुपात में यातायात नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।

शनिवार को तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गई। जाम में फंसे स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक काफी परेशान नजर आए। कई लोग गर्मी से राहत पाने के लिए सड़क किनारे छांव की तलाश करते दिखाई दिए। कुछ वाहन चालकों ने बताया कि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य समय से कई गुना अधिक समय लगा।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार बेदा नहर के आसपास सड़क संकरी होने के साथ-साथ अवैध पार्किंग और अतिक्रमण भी जाम का प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं। सड़क किनारे कई वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़क और संकरी हो जाती है तथा यातायात प्रभावित होता है। इसके अलावा बाजार क्षेत्र में दुकानों के सामने बढ़ते अतिक्रमण से भी ट्रैफिक की समस्या गंभीर होती जा रही है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए, अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।

सासाराम शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या अब केवल एक सामान्य परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगी है। यदि समय रहते इस दिशा में उचित कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। शनिवार को बेदा नहर के पास लगे जाम ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को सामने ला दिया है।

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