| बिजली के खंभे पर चढ़ रहा युवक। |
यह घटना डालमियानगर थाना क्षेत्र के मकराइन गांव की बताई जा रही है। युवक की पहचान इंदौर निवासी अजय जैन के बेटे प्रशांत जैन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, प्रशांत का मकराइन गांव की एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से बातचीत कम हो गई थी और युवती ने उसे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया था।
बताया जा रहा है कि लगातार संपर्क करने के बावजूद जब युवती ने बात नहीं की, तो प्रशांत उससे मिलने के लिए इंदौर से सीधे रोहतास पहुंच गया। युवक को उम्मीद थी कि आमने-सामने बातचीत से मामला सुलझ जाएगा, लेकिन गांव पहुंचने पर स्थिति और बिगड़ गई। युवती ने उससे मिलने से साफ इनकार कर दिया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवती के इनकार के बाद प्रशांत अचानक भावुक हो गया और गुस्से व निराशा में आकर पास ही लगे एक बिजली के खंभे पर चढ़ गया। वहां उसने अपने बेल्ट से गले में फंदा लगाने की कोशिश की। यह दृश्य देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। किसी अनहोनी की आशंका से ग्रामीण तुरंत हरकत में आए और युवक को समझाने की कोशिश करने लगे।
काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह उसे खंभे से नीचे उतारा। इस दौरान युवक बेहोश हो गया था। तुरंत उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत गंभीर थी, इसलिए बेहतर इलाज के लिए उसे सासाराम के सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सदर अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि युवक को बेहोशी की हालत में लाया गया था, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी स्थिति में सुधार हुआ है। अब वह खतरे से बाहर है और धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। चिकित्सकों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है।
घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता, तो बड़ी घटना हो सकती थी। वहीं, कुछ लोगों ने इस घटना को युवाओं में बढ़ते भावनात्मक तनाव और अस्थिरता से भी जोड़कर देखा है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवक किस परिस्थिति में इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर हुआ।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों में तनाव या असफलता के कारण युवा किस तरह भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार और दोस्तों का सहयोग बेहद जरूरी होता है, ताकि कोई भी व्यक्ति आवेश में आकर अपनी जिंदगी से जुड़ा गलत फैसला न ले।
फिलहाल, प्रशांत जैन की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया, जिससे एक परिवार उजड़ने से बच गया।
(रिपोर्ट: India A to Z News)

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