पटना, बिहार: राज्य की राजनीति में एक बड़ा संकेत सामने आया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन तेज हो गया है। पार्टी के 85 विधायकों में से करीब 68 विधायकों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी नेता को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते।
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| इस फोटो में दिखाया गया है कि किसका कितना समर्थन है |
सूत्रों के मुताबिक, लगभग 97% JDU विधायक चाहते हैं कि अगर मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, तो उनके बेटे को राज्य की कमान सौंपी जाए। वहीं, केवल 2-3 विधायकों ने के नाम का समर्थन किया है।
विधायकों की क्या है राय?
मीनापुर से विधायक अजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अंतिम फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर निशांत कुमार को जिम्मेदारी दी जाती है, तो यह भी उनका ही निर्णय होगा।
वहीं मांझी के विधायक रंधीर कुमार ने भी यही दोहराया कि नीतीश कुमार का फैसला सभी विधायकों को स्वीकार होगा, चाहे वे खुद मुख्यमंत्री बने रहें या किसी और को जिम्मेदारी सौंपें।
पार्टी के भीतर अलग-अलग स्वर
जगदीशपुर के विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत इच्छा है कि मुख्यमंत्री JDU से ही हो। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर भविष्य में BJP की ओर से को CM बनाया जाता है, तो वह भी एक विकल्प हो सकता है।
क्या बदलने वाली है बिहार की राजनीति?
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि JDU के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अंतिम फैसला अभी भी के हाथ में है, लेकिन विधायकों की राय आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

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