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बिहार में बड़ा सियासी खेल! विजय सिन्हा को मिल सकता है बड़ा पद, कैबिनेट विस्तार की हलचल तेज

 बिहार की सियासत इन दिनों एक बार फिर गरमा गई है। राज्य में कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं और राजनीतिक गलियारों में संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर कयासों का दौर जारी है। माना जा रहा है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा, जिससे सरकार के नए स्वरूप की तस्वीर साफ हो सकेगी। 

इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 21 अप्रैल को दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की, जिसके बाद कैबिनेट विस्तार की संभावनाओं को और बल मिला है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि इस मुलाकात के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार लगभग तय माना जा रहा है।


सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि यदि उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया, तो उन्हें प्रदेश अध्यक्ष या विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) जैसे बड़े पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी के अंदर उनके अनुभव और संगठन में पकड़ को देखते हुए यह संभावना मजबूत मानी जा रही है।

बीजेपी कोटे से जिन नेताओं के नाम संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल हैं, उनमें संजय सरावगी, दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, संजय टाइगर, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद और जनक राम जैसे नाम प्रमुख हैं। वहीं सहयोगी दलों से भी कुछ नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, जिनमें HAM से संतोष सुमन, LJP (रामविलास) से संजय पासवान और RLM से दीपक प्रकाश का नाम चर्चा में है।

जेडीयू कोटे से भी कई वरिष्ठ नेताओं के मंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। इनमें सुनील कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, मदन सहनी, जमा खान और लेसी सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलने की बात कही जा रही है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधा जा सके।

गौरतलब है कि सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी शपथ ग्रहण किया था। शपथ के बाद विभागों का बंटवारा कर दिया गया, लेकिन कैबिनेट का विस्तार अब तक लंबित है।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंपा और सक्रिय राजनीति में नई भूमिका की ओर कदम बढ़ाया।

अब सबकी नजरें कैबिनेट विस्तार पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि किन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है और किन्हें संगठन या अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।

(India A to Z News के लिए विशेष रिपोर्ट)

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