रोहतास जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अपर समाहर्ता ललित भूषण रंजन द्वारा जारी आदेश के तहत कई राजस्व अधिकारियों (RO) को अंचलाधिकारी (CO) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस फैसले का उद्देश्य अंचल स्तर पर कार्यों की गति तेज करना और राजस्व संबंधित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना है।
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किन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी?
नए आदेश के अनुसार जिले के विभिन्न अंचलों में निम्नलिखित अधिकारियों को प्रभार दिया गया है:
आशीष रंजन (RO, नासरीगंज) → दिनारा अंचल के सीओ (प्रभार)
ध्रुव कुमार (RO, काराकाट) → काराकाट अंचल के सीओ का अतिरिक्त प्रभार
प्रनवेश राज (RO, राजपुर) → राजपुर के साथ संझौली अंचल का प्रभार
मो. जफर वारसी (RO, सूर्यपुरा) → बिक्रमगंज अंचल के सीओ का कार्यभार
प्रशांत कुमार (RO, अकोढ़ीगोला) → अकोढ़ीगोला व तिलौथू अंचल का संयुक्त प्रभार
मनोज कुमार (RO, नौहट्टा) → नौहट्टा अंचल के सीओ का अतिरिक्त प्रभार
तौकीर अहमद (RO, डेहरी) → डेहरी अंचल के सीओ का प्रभार
उत्पल हिमवान (सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी) → नोखा अंचल का प्रभार
आलोक कुमार सिंह (सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी) → चेनारी अंचल के सीओ का प्रभार
बीडीओ को किया गया कार्यमुक्त
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इस फेरबदल के साथ ही कई प्रखंडों के बीडीओ (BDO) को अंचल के अतिरिक्त कार्यों से मुक्त कर दिया गया है। इनमें करगहर, कोचस, चेनारी, नोखा, बिक्रमगंज, संझौली, राजपुर, सूर्यपुरा, डेहरी, तिलौथू और अकोढ़ीगोला शामिल हैं।
इस निर्णय से अब बीडीओ अपने मूल विकास कार्यों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।
क्या होगा असर?
प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से:
राजस्व कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी
लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा
अंचल स्तर पर प्रशासनिक पकड़ मजबूत होगी
कुल मिलाकर, रोहतास जिले में यह फेरबदल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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