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रोहतास: 5 साल के प्रेम संबंध में ‘मौत का ड्रामा’, महाराष्ट्र से सकुशल मिली नाबालिग


रिपोर्ट: अनिल रोहतासी | बिहार डेस्क/रोहतास | रोहतास जिले के इंद्रपुरी थाना क्षेत्र से सामने आए एक कथित हत्या के मामले में पुलिस जांच ने ऐसा खुलासा किया है जिसने सभी को हैरान कर दिया। जिस घटना को शुरुआत में एक गंभीर आपराधिक घटना और हत्या की साजिश माना जा रहा था, वह बाद में प्रेम प्रसंग और घर से भागकर शादी करने की योजना का हिस्सा निकला। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए नाबालिग लड़की को महाराष्ट्र से सकुशल बरामद कर लिया है, जबकि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, इंद्रपुरी थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी। लड़की के अचानक गायब होने के बाद इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब उसके घर के बाहर खून बिखरा हुआ पाया गया। इस दृश्य को देखकर परिजनों और आसपास के लोगों को आशंका हुई कि लड़की के साथ कोई गंभीर घटना घट गई है या उसकी हत्या कर दी गई है। देखते ही देखते पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस को कई पहलुओं पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। घटना की जांच में एफएसएल टीम, डॉग स्क्वायड और विशेष जांच टीम को भी शामिल किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन की मदद लेना शुरू किया।


डिहरी SDPO-1 अतुलेश झा ने थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नाबालिग लड़की और आरोपी युवक के बीच पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार की ओर से विरोध होने की आशंका के कारण दोनों ने घर छोड़ने की योजना बनाई।



पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर एक ऐसी कहानी तैयार की जिससे लोगों को यह लगे कि लड़की की हत्या कर दी गई है। इसके लिए लड़की के घर के बाहर मुर्गे का खून फैलाया गया ताकि घटनास्थल को देखकर हत्या जैसी स्थिति प्रतीत हो। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोग पूरी तरह से भय और चिंता में आ गए थे।

जांच के दौरान पुलिस को अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र के बांक गांव निवासी मयंक कुमार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारी खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस की टीम महाराष्ट्र पहुंची और ठाणे जिले के भिवंडी शहर में छापेमारी की।


छापेमारी के दौरान 13 मई को पुलिस ने नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही आरोपी युवक मयंक कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि लड़की को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।


इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह दिखाया है कि अफवाहों और शुरुआती अनुमानों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होता। जिस घटना को लोग हत्या समझ रहे थे, वह प्रेम प्रसंग और घर से भागने की योजना का हिस्सा निकला। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना को लेकर अफवाहों पर विश्वास न करें और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।


फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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