| गुरुवार को जब कई लोग तेहरान के पश्चिम में एक सस्पेंशन ब्रिज के पास पिकनिक मना रहे थे, तब अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने इस पुल को दो बार निशाना बनाया |
| गुरुवार को जब कई लोग तेहरान के पश्चिम में एक सस्पेंशन ब्रिज के पास पिकनिक मना रहे थे, तब अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने इस पुल को दो बार निशाना बनाया |
यह बयान ऐसे समय में आया है जब Karaj में एक दर्दनाक घटना सामने आई। ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान के पश्चिम में स्थित करज शहर में निर्माणाधीन एक पुल पर बमबारी में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 100 लोग घायल हुए हैं।
| तेहरान में रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती ने कहा, ''हमारे पुल पर हमले को लेकर (ट्रंप) बेशर्मी के साथ पोस्ट कर रहे हैं'' |
बताया जा रहा है कि नौरोज़ के 13वें दिन कई लोग B1 सस्पेंशन ब्रिज के पास पिकनिक मना रहे थे, तभी अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने इस पुल को दो बार निशाना बनाया, जिससे बड़ा नुकसान हुआ।
इस बीच, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि:
“हमारी सेना, जो दुनिया में सबसे ताकतवर है, उसने अभी ईरान में जो बचा है उसे पूरी तरह नष्ट करना शुरू भी नहीं किया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का नया नेतृत्व जानता है कि क्या करना है और उसे जल्द फैसला लेना चाहिए।
करज में हुए हमले और ट्रंप के बयान के बाद ईरान में आक्रोश बढ़ गया है। कट्टरपंथी और सत्ता समर्थक वर्ग के लोगों ने सोशल मीडिया पर इस हमले की कड़ी निंदा की है।
कई यूजर्स ने मांग की है कि ईरान की सेना पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले क्षेत्रों के पुलों को निशाना बनाकर जवाब दे।
कुछ लोगों ने चेतावनी दी कि यह हमला इस बात का संकेत है कि अमेरिका और Israel का मकसद सिर्फ ईरान की सैन्य ताकत को खत्म करना नहीं, बल्कि पूरे देश को तबाह करना है।
India A To Z News की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद कुछ सरकारी अधिकारी, सत्ता समर्थक यूजर्स और पत्रकार अब भी सीमित इंटरनेट एक्सेस के जरिए जानकारी साझा कर रहे हैं।
मौजूदा हालात अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाते हैं। जहां एक ओर कड़ी चेतावनियां दी जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर आम लोगों की जान जा रही है। अगर हालात नहीं संभले, तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है।
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