बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जिले में सहयोग पोर्टल पर अब तक 9,382 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 8,128 आवेदनों का सफल निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 967 आवेदन अभी लंबित हैं। वहीं 287 आवेदन नियमानुसार अस्वीकृत किए गए हैं।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं पोर्टल पर विभिन्न आवेदनों का अवलोकन कर उनके निष्पादन की गुणवत्ता का परीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में आवेदकों ने कम रेटिंग दी है, उन सभी आवेदनों की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा कर कम संतुष्टि के कारणों का विश्लेषण किया जाए और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि सहयोग पोर्टल पर आवेदन के निष्पादन के बाद लाभार्थी 1 से 5 तक की रेटिंग दे सकते हैं, जिसमें 1 न्यूनतम और 5 सर्वोच्च संतुष्टि का संकेत है। जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों की संतुष्टि प्रशासन की कार्यप्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है और सभी विभागों को इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री रौशन कुमार ने भी पुलिस विभाग से संबंधित आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित करते हुए शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों को नियमित रूप से सहयोग पोर्टल पर लॉग-इन कर अपने विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा करने तथा लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान ही सुशासन की पहचान है और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता भी।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सहित विभिन्न जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं लंबित मामलों से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
— अनिल रोहतासी
India A To Z News | Sasaram, Rohtas

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