स्थानीय लोगों ने अवैध कारोबार और प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
हजारीबाग/बरही | India A To Z News Desk झारखंड के हजारीबाग जिले का बरही और चौपारण इलाका एक बार फिर कथित गो-तस्करी के आरोपों को लेकर चर्चा में है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का दावा है कि नेशनल हाईवे (NH) के रास्ते झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर मवेशियों की अवैध ढुलाई का नेटवर्क सक्रिय है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, देर रात से सुबह तक कई वाहन हाईवे से गुजरते देखे जाते हैं, जिनमें मवेशियों के परिवहन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार वाहनों में पशुओं को अत्यधिक संख्या में ले जाया जाता है, जिससे पशु क्रूरता से जुड़े मुद्दे भी सामने आते हैं।
उठ रहे सवाल
क्या जांच चौकियों और पुलिस गश्त के बावजूद अवैध परिवहन जारी है?
कार्रवाई केवल वाहन चालकों तक सीमित क्यों दिखती है?
क्या किसी बड़े नेटवर्क की जांच की जरूरत है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन को पूरे मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए और यदि कोई संगठित अवैध गतिविधि सामने आती है, तो उसके पीछे जुड़े लोगों तक कार्रवाई पहुंचनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में कथित तौर पर सूचना नेटवर्क और रूट मॉनिटरिंग का इस्तेमाल होने की भी चर्चा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जनता की मांग
क्षेत्र के लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय यदि कोई बड़ा नेटवर्क है तो उसकी आर्थिक और संचालन व्यवस्था की भी जांच होनी चाहिए।
India A To Z News की टीम इस मामले में प्रशासनिक पक्ष और आधिकारिक प्रतिक्रिया लेने का प्रयास कर रही है। कोई भी नई जानकारी या पुष्टि सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
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