INDIA A TO Z NEWS | सासाराम/पटना/बांका/मुजफ्फरपुर
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लघु जल संसाधन विभाग, सासाराम में पदस्थापित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरविंद कुमार चौधरी के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में की गई इस कार्रवाई के दौरान पटना से लेकर सासाराम, बांका और मुजफ्फरपुर तक कई अहम दस्तावेज, करोड़ों रुपये मूल्य का फ्लैट, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी का मुकुट, महंगी घड़ियां और जमीन से जुड़े कागजात मिलने की जानकारी सामने आई है।
EOU के अनुसार प्रारंभिक जांच में इंजीनियर पर लगभग 1.20 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसी आधार पर विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई।
पटना के आलीशान फ्लैट में मिली लग्जरी लाइफस्टाइल
आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने पटना के दानापुर स्थित आदमपुर इलाके में वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-405 समेत अन्य परिसरों की तलाशी ली। जांच के दौरान करोड़ों रुपये मूल्य का फ्लैट, महंगे इंटीरियर, सोने-चांदी के गहने, चांदी का मुकुट, लग्जरी घड़ियां और संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। अधिकारियों के अनुसार फ्लैट के इंटीरियर पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए हैं।
सासाराम से बांका तक एक साथ चली कार्रवाई
EOU की टीम ने इंजीनियर के सासाराम स्थित सरकारी कार्यालय, डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास, बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के पैतृक गांव पीपरडीह, पटना के दोनों फ्लैटों और मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल में एक साथ छापेमारी की।
बांका में करीब पांच घंटे तक चली तलाशी के दौरान इंजीनियर के पैतृक तीन मंजिला मकान की बारीकी से जांच की गई। उस समय घर में केवल उनके चाचा मौजूद थे, जिनसे टीम ने पूछताछ भी की। सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी।
मुजफ्फरपुर में ससुराल की चाबी मंगवाकर हुई तलाशी
मुजफ्फरपुर के महामाया स्थान स्थित ससुराल में जब EOU की टीम पहुंची तो घर बंद मिला। इसके बाद चाबी मंगवाकर मकान खोला गया और सभी कमरों की गहन तलाशी ली गई। अधिकारियों ने वहां मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की विस्तार से जांच की।
परिवार पटना में रहता है
स्थानीय लोगों के अनुसार इंजीनियर अरविंद कुमार चौधरी का परिवार वर्तमान में पटना में रहता है। उनके पिता प्रखंड कार्यालय से लिपिक पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि छोटे भाई निजी क्षेत्र में एलआईसी एजेंट के रूप में कार्यरत हैं। परिवार के पास लगभग 90 बीघा पुश्तैनी जमीन होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसका अब तक बंटवारा नहीं हुआ है।
कोर्ट के वारंट के बाद हुई कार्रवाई
यह मामला आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 15/26 (दिनांक 29 जुलाई 2026) के तहत दर्ज किया गया है। कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत की जा रही है। EOU का कहना है कि विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी, जिसमें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के पर्याप्त साक्ष्य मिले।
फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति के कागजात और अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद जब्त की गई संपत्तियों और बरामद दस्तावेजों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाएगा।
INDIA A TO Z NEWS इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही EOU की आधिकारिक रिपोर्ट या नई जानकारी सामने आएगी, सबसे पहले आपको अपडेट दी जाएगी।
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